आयुष्मान भारत योजना: स्वास्थ्य बीमा के फायदे और योग्यता नियम

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    फरवरी 2018 के बजट सेशन में देश के प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट ने संसद भवन में एक नए स्वास्थय बिमा योजना का प्रस्ताव रखा. इस स्वास्थय बिमा का नाम “आयुष्मान भारत” योजना है. इस योजना के तहत भारतीय सरकार 10 करोड़ गरीब परिवारों या यूँ कहिए की 40% आबादी को सुरक्षित करने का सपना रखती है. इस योजना को देश भर में औपचारिक रूप से 25 सितम्बर 2018 में उतारा जाएगा। इस योजना के प्रक्षेपण से पूर्व आइए इस योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलू जैसे की इस इसके फायदे, विशेषताएँ, योग्यता, ज़रूरी कागज़ात आदि के बारे में थोड़ा और जान लें।

    Ayushman Bharat Yojana Phaayade Aur Yogyata Niyam

    आयुष्मान भारत योजना क्या है?

    भारत में पहले से ही कई स्वास्थय बिमा योजनाएं हैं जैसे की राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थय मिशन, राष्ट्रीय स्वस्थ्य बिमा योजना, और वरिष्ठ नागरिक स्वास्थय बिमा योजना लेकिन इन में से कोई भी बिमा योजना बहुत ज़्यादा सफल नहीं हो पाई। इन सारी योजनाओं के सफल न होने का कारण एक बटा हुआ दृष्टिकोण था. बहरहाल आयुष्मान भारत योजना एक ऐसी योजना है जो पूरे भारत और समाज के हर वर्ग के लिए बनायीं गयी है अर्थात इस एक योजना से सभी लोगों को, चाहे वह वरिष्ठ नागरिक हो या बचे हो सबको, देश के हर कोने में एक समान फ़ायदा मिलेगा।

    आयुष्मान भारत योजना एक विस्तृत्त स्वास्थय कार्यक्रम है जिसकी रचना का उद्देश्य है कि हर भारतीय नागरिक को सुलभ और उत्तम स्वास्थय सेवा मिले। योजना के प्रथम चरण में लक्ष्य यह रखा गया है कि देश कि 40% आबादी को इस योजना का लाभ मिले। इस योजना के अंतर्गत हर परिवार को 5 लाख रुपयों कि लाभ राशि मुहैय्या कराइ जायेगी। ऐसा माना जाता है कि विश्व के किसी भी देश ने ऐसी महत्वाकांक्षी योजना को सत्य करने को कोशिश आज तक नहीं कि है अर्थात पूरे विश्व में ऐसी योजना का प्रावधान किसी भी देश में नहीं है। इस योजना की प्रगति पर फ़िलहाल पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हैं, ऐसा माना जाता है की विश्व स्वास्थ्य संस्था या वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी इस योजना पर नज़र-बंद है। बहरहाल ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सिर्फ आयुष्मान भारत योजना कि घोषणा ही नहीं कि है।

    सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के साथ- साथ पूरे भारत में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स खोलने का ऐलान भी किया है। वर्तमान बजट के तहत सरकार ने पूरे देश में ऐसे डेढ़ लाख वैलनेस सेंटर्स खोलने का प्रस्ताव रखा है। इन सेंटर्स पर सभी संक्रमणीय और असंक्रमणीय रोगों के लिए स्वास्थय सेवाएं मिलेंगी, इसके साथ-साथ इन सेंटर्स पर प्रसूति व् शिशु स्वास्थ्य सेवा भी मुहैय्या करवाई जाएगी। इन सभी सेंटर्स पर आने वाले सभी मरीज़ों को मुफ्त नैदानिक परिक्षण और दवाइयां भी दी जाएंगी। इन सेंटर्स का लक्ष्य विशिष्ट स्वास्थय सेवा और गरीब मरीज़ के बीच कि दूरी को मिटाना है, जिससे गरीबों के लिए भी सुलभ स्वास्थय सेवाएं उपलब्ध हो। सरकार के प्रस्ताव के हिसाब से इन वैलनेस सेंटर्स को चलने कि लागत 1200 करोड़ रुपये हैं। भारत के प्रथम वैलनेस सेंटर का उदघाटन प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2014 में, बीजापुर, में किया था जो छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा है।

    आयुष्मान भारत योजना कि कुछ विशेषताएँ:

    आयुष्मान भारत योजना अपने आरम्भ से ही चर्चा का विषय रहा है। इस योजना ने लोगों की कल्पना में अपनी जगह बना ली है, जिस वजह से कई जगह बातें यह भी उठी हैं कि यह योजना पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा संचालित ओबामा-केअर के जैसी है और इसीलिए, इस योजना का नाम नमो-केअर या मोदी-केअर होना चाहिए। फिर भी, इस योजना को भारत की जनता को नज़र में रखते हुए बनाया गया है, इस योजना की विशेषताएँ कुछ इस प्रकार हैं:

    • यह योजना 10 करोड़ गरीब परिवारों या भारत कि 40% आबादी जो गरीबी रेखा के नीचे या उसके आस-पास है को सुरक्षित करेगी।
    • यह योजना हर परिवार को 5 लाख रुपयों का लाभ देगी।
    • इस बिमा योजना कि बिमा-क़िस्त का खर्चा केंद्र सकरार और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात के हिसाब से उठाएँगे।
    • अनुमान ऐसा लगाया जा रहा है कि इस बिमा योजना के तहत हर परिवार पर खर्च किये जा रहे लाभ राशि कि बिमा-क़िस्त लगभग 2000 रुपये है। ऐसा भी माना जाता है की आने वाले समय में हर परिवार के लाभ राशि को इतना बढ़ा दिया जाएगा कि बम-क़िस्त की रकम बढ़ कर 5000 रुपये जो जायेगी।
    • भारत सरकार वैलनेस सेंटर्स भी खोलेगी जो लोगों को विशिष्ट स्वास्थय सेवा प्रदान करेगी।
    • सरकारी अस्पतालों को इस योजना के तहत पहले ही जोड़ लिया गया है और अब कोशिश चल रही है की निजी अस्पताल भी इस योजना से जुड़ जाएँ। इस योजना में ऐसा प्रावधान है कि कोई भी लाभार्थी इस योजना से जुड़े, भारत के किसी भी अस्पताल में स्वास्थय सेवा और लाभ का दावा कर सकता है।
    • निति आयोग का प्रयास यह भी रहेगा की एक मजबूत सॉफ्टवेयर का विकास किया जाए जिस से इस योजना का गलत फ़ायदा न उठाया जा सके. इसी सॉफ्टवेयर को ऐसा भी बनाया जाएगा की वह लोगों कि योजना से जुड़ी तकलीफों का निवारण जल्द से जल्द कर सके।
    • ऐसी स्वास्थय सेवाएं जिनका दुरूपयोग हो सकता है, उन सभी के लिए एक पूर्व प्राधिकरण का प्रावधान है इस योजना में।
    • स्वास्थय सेवा के लिए होने वाले पैसों का लेनदेन पूरी तरह से कैशलेस होगा. इस बात पर भी गौर करना चाहिए कि सरकार हर तरह के इलाज में होने वाले खर्च का एक पैकेज पहले से बना कर रखेगी और पैसे भी उसी के हिसाब से दिए जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया को कैशलेस रखने का कारण है इन पैसों के दुरूपयोग को रोकना. सरकार कि तरफ से पैसे सीधे अस्पताल को जाएंगे, ऐसा करने से अस्पतालों द्वारा गरीब जनता के शोषण का भी अंत करेगी.
    • सरकार एक आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन कॉउन्सिल और आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन गवर्निंग बोर्ड कि स्थापना भी करेगी। ऐसा भी माना जाता है की आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के नेतृत्व के लिए एक सीईओ का चयन भी किया जाएगा.
    • इस योजना के कार्यान्वयन को सरल बनाने के लिए सरकार एक आयुष्मान भारत राष्ट्रीय सुरक्षा योजना एजेंसी की स्थापना राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भी करेगी।

    भारतीय नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के लाभ:

    फिलहाल भारत में लोग अपने चिकित्सा और स्वास्थय सेवा का खर्चा खुद उठाते हैं, और अनुमान यह लगाया जाट है की अपनी आय का आधा हिस्सा लोग अपने स्वास्थ्य पर खर्च करते हैं। यही वजह है की गरीब जनता के लिए स्वास्थ्य सेवा हमेशा पहुंच के बहार रही है, क्योंकि निजी चिकित्सालयों का खर्चा वह उठा नहीं सकते और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर से ज़्यादा मरीज़ हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, आयुष्मान भारत योजना के लाभ कुछ ऐसे हैं:

    • स्वास्थ्य सेवा के खर्चे में कटौती
    • गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों के लिए सरल स्वास्थ्य सेवा  
    • परिवार के विस्तार को नज़रअंदाज़ करते हुए, हर परिवार को 5 लाख रुपयों का स्वास्थ्य बिमा लाभ
    • कुल मिलाकर स्वास्थ्य सुधार और रोगी को संतुष्टि
    • नौकरी निर्माण और जीवन की गुणवत्ता में सुधार
    • बीमा अस्पताल में भर्ती रोगी की सभी माध्यमिक और कुछ तृतीयक देखभाल को कवर करेगा
    • इस योजना में ऐसा प्रावधान है कि कोई भी लाभार्थी इस योजना से जुड़े, भारत के किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में स्वास्थय सेवा और लाभ का दावा कर सकता है।
    • सरकार ने 1350 देखभाल पैकेजों को मंजूरी दे दी है जिसमें सर्जरी भी शामिल है
    • रोगियों को  सलाह और समस्या निवारण की सहायता करने के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर

    भारत में हेल्थकेयर सिस्टम के लिए आयुषमान भारत के लाभ:

    आयुषम भारत कार्यक्रम केवल गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू नहीं किया गया था। यह भारत में स्वास्थ्य देखभाल संकट को कम करने की मुहीम भी है, खासकर जब यह गरीबों के लिए विशिष्ठ स्वास्थ्य देखभाल को सरल बना रहा है। यह अनुमान लगाया गया है कि इस योजना से स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को निम्नलिखित तरीकों से लाभ होगा:

    • यह भारत को सतत विकास लक्ष्यों के साथ-साथ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने में मदद करेगा।
    • यह निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के स्वास्थ्य लक्ष्यों को संरेखित करेगा
    • यह स्वास्थ्य देखभाल की लागत को नियंत्रित करने और धोखाधड़ी वाले स्वास्थ्य देखभाल बिलों के खतरों को कम करने में भी मदद करेगा
    • इससे स्वास्थ्य बीमा के विकास के साथ-साथ बीमा आय के माध्यम से आर्थिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने में मदद मिलेगी
    • यह सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में सरकार द्वारा स्वास्थ्य देखभाल व्यय का प्रतिशत बढ़ाएगा
    • जनता के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता

    आयुष्मान भारत योजना के लिए योग्यता:

    आयुषम भारत कार्यक्रम एक हकदार आधारित कार्यक्रम है। इस हकदारता का आधार 2011 के एसईसीसी डेटाबेस में वर्णित मानदंडों द्वारा तय किया जाएगा। इसलिए, सरकार ने कार्यक्रम के लिए पात्र होने के रूप में शहरी क्षेत्रों में 11 व्यवसायों की पहचान की है। ग्रामीण क्षेत्रों में, सरकार ने घर के प्रकार, परिवार के सदस्यों की आयु, भूमि माप, आर्थिक स्थिति आदि के आधार पर योग्यता परिभाषित की है।

    पात्र वर्ग / जाति समूहों की पूरी सूची देखने के लिए प्रधान मंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन वेबसाइट पर जाएं। पहला पृष्ठ आपको पूछेगा कि क्या आप शहरी सूची या ग्रामीण सूची देखना चाहते हैं। आप जहां रहते हैं इसके आधार पर, अपना स्थान चुनें

    फिर आपको अपना पंजीकृत फोन नंबर जमा करने के लिए कहा जाएगा, आपको उसी नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा। ओटीपी दर्ज करें और आप सूची को देख सकेंगे।

    हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि बीमा लाभार्थियों की सूची में टीबी रोगियों को पंजीकृत करने के बजाय, सरकार ने उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति माह 500 रुपये भेजने का प्रावधान बनाया है।  

    आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज:

    आयुष्मान भारत योजना के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के बारे में काफी बात हुई है। एक बार अफवाह थी कि आधार कार्ड आवेदकों के लिए अनिवार्य होगा हालांकि, अगस्त की शुरुआत में केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि यह योजना वंचित लोगों के लिए है, खासतौर पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए। ऐसे अधिकांश व्यक्तियों के पास अभी भी आधार कार्ड नहीं है, इस प्रकार, इस आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने कहा कि एक बीपीएल आवेदक बीपीएल कार्ड के साथ किसी भी केंद्रीय या राज्य जारी पहचान पत्र का उत्पादन कर सकता है।

    आयुष्मान भारत के लिए आवेदन कैसे करें?

    हालांकि आवेदन पत्र की ऑनलाइन होने कि अटकलें अभी लगायी जा रही हैं, सरकार ने अधिक आवेदकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यों के लिए दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं। इन निर्देशों में शामिल हैं:

    • सरकार राज्य स्तरीय कियोस्क, केंद्र, वेब और टेलीफोन पोर्टल, या किसी अन्य संपर्क केंद्र स्थापित करेगा जो जनसंख्या की सहायता के लिए उपलब्ध होगा।
    • सम्मिलित अस्पताल भी संपर्क बिंदु के रूप का कार्य करेंगे।
    • राज्य पहचान के परिवारों को योजना के लिए पंजीकरण के लिए निमंत्रण पत्र भेजेगा।
    • पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित एक अलग पहचान सत्यापन निकाय होगा।
    • अगर किसी व्यक्ति के पास उनके अधिकार का पर्याप्त सबूत है, तो पंजीकरण अधिकारी उन्हें बीमा कार्ड प्रदान करने के लिए पर्याप्त रूप से अधिकृत हैं।
    • राज्य उन व्यक्तियों के विवरण की समीक्षा करेगा, जिनके आवेदन सत्यापन निकाय द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है।
    • इसके अलावा, ऑनलाइन आवेदन के लिए एक प्रावधान भी होगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अभी भी सरकार द्वारा साझा नहीं की गई है।
    • ऐसा माना जाता है कि कार्यक्रम को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के साथ 25 सितम्बर, 2018 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।

    आयुष्मान भारत योजना के प्रस्ताव कि कहानी:

    भारत विश्व महाशक्ति के रूप में बढ़ रहा है, फिर भी भारत में स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इन चुनौतियों में से सबसे महत्वपूर्ण सभी के लिए सस्ते और सुलभ स्वास्थ्य सेवा है। एक ऐसा देश जहां 60% से अधिक नागरिक गरीब हैं, हेल्थकेयर एक महंगा सौदा है। अक्सर, लोगों को अपनी संपत्ति बेचने या स्वास्थ्य देखभाल के लिए भुगतान करने के लिए भारी ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। समस्या का एक हिस्सा यह है कि बहुत से लोग स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं, सरकारी बीमा योजनाओं के बारे में नहीं जानते हैं, साथ ही केंद्रीय बीमा योजना की अनुपस्थिति में लोग निजी बिमा योजनाएं चुनते हैं जो उन्हें महंगी पड़ती हैं।

    कुछ राज्यों ने हेल्थकेयर बीमा योजनाएं शुरू की हैं, उनके प्रचार और कार्यान्वयन कि कमी से जूझना पड़ा है, जिससे जनता के बीच जागरूकता की कमी हुई है। राज्यों ने केवल सरकारी अस्पतालों के साथ काम किया है जो अधिकतर अभिभूत हैं। केंद्र सरकार के लिए हेल्थकेयर में भी सार्वजनिक-निजी साझेदारी के लिए कदम उठाने के लिए मार्ग प्रशस्त करना आवश्यक था।

    एक और समस्या लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई नकदी का दुरुपयोग था। कुछ लाभार्थियों ने हेल्थकेयर की तुलना में अन्य साधनों के लिए नकद का उपयोग किया और जिन लोगों ने स्वास्थ्य देखभाल का विकल्प चुना था, वे अक्सर धोखाधड़ी वाले तत्वों द्वारा  सरल उपचार प्रक्रियाओं के लिए शोषित किये जाते थे। आयुष्मान भारत योजना इन सभी समस्याओं का समाधान करने पर केंद्रित है। योजना एक केंद्रीय योजना है जो सभी राज्यों को कवर करेगी। यह नए कल्याण केंद्रों को पेश करने की योजना है जो सभी आपातकाल चिकित्सा और जरूरतों से निपटने के लिए सुसज्जित होंगे। पैसे का हस्तांतरण इलेक्ट्रॉनिक होगा, जो उसके दुरुपयोग को रोक देगा। साथ ही केंद्र ने 1500 से अधिक चिकित्सा पैकेजों की कीमत तय कर दी है जिसमें सर्जरी भी शामिल है, ऐसा करने से भ्रष्ट स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के हाथों से हो रहे शोषण को रोका जा सकता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

    • आयुष्मान भारत योजना क्या है?

    आयुष्मान भारत योजना एक छतरी स्वास्थ्य सेवा बीमा योजना है जिसका लक्ष्य जनता के लिए गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का है। इस योजना का लक्ष्य लगभग 10 करोड़ परिवार या लगभग 40% भारतीय आबादी को बीमा प्रदान करना है। परिवार के आकार के बावजूद प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये, बीमित किया जाएगा।

    • आयुष्मान भारत योजना के लिए कौन पात्र हैं?

    भिखारी, दैनिक मजदूरी श्रमिकों जैसे बीपीएल के नीचे रहने वाले व्यक्ति इस योजना के लिए स्वचालित रूप से पात्र हैं। इन समूहों के अलावा, सरकार ने एसईसीसी पैरामीटर के आधार पर कुछ समूहों को सूचीबद्ध किया है।

    • आयुष्मान भारत यात्रा कैसे काम करती है?

    योजना बहुत संरचित है। राज्य और केंद्र 60:40 अनुपात पर प्रीमियम लागत सहन करते हैं। योजना के लिए अस्पताल के विस्तार, पदोन्नति और नामांकन के लिए राज्य सर्कार केंद्र सरकार से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। चूंकि, यह एक राष्ट्रीय योजना है, कोई भी रोगी देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में लाभ उठा सकता है। लाभ इलेक्ट्रॉनिक रूप से आदान-प्रदान किए जाएंगे, अस्पताल उपचार पैकेज लागत के अनुसार बिल तैयार करेगी, और इस पैकेज कि लागत सरकार द्वारा पूर्व अनुमोदित होगी और इसे संबंधित बीमा कंपनी को भेज दिया जाएगा, जो इलेक्ट्रॉनिक रूप से राशि का विघटन करेगी।

    • आयुष्मान भारत योजना की लॉन्च तिथि क्या है?

    योजना की अनुमानित लॉन्च तिथि २५ सितम्बर, 2018 है।

    • आयुष्मान भारत योजना आधिकारिक वेबसाइट?
      इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह सरकारी वेबसाइट है  www.abnhpm.gov.in

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